अगर आपके हाथ में यह रखा है तो बहुत मुश्किल होगी आपकी शादी में

हाथ में विवाह रेखा कनिष्ठा उंगली के निचले हिस्से में रहती है। यह क्षेत्र बुध पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। हाथों में विवाह रेखाओं की संख्या एक और इससे अधिक भी हो सकती है।

हाथों में सशक्त रेखाओं को ही महत्वपूर्ण माना जाता है। बाकी रेखाएं संबंधों के बिछुड़ने या टूटने का इशारा करती हैं। विवाह रेखा की प्रकृति के आधार पर इनका परिणाम भी अलग-अलग होता है।

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यदि विवाह रेखा ऊपर की ओर जाते हुए हृदय रेखा से मिल जाए तो शादी होने में बहुत कठिनाइयां आती हैं। विवाह रेखा पर तिल और क्रॉस के निशान को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे लोगों के जीवन में भी विवाह में अत्यधिक परेशानी आती हैं।

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